Happy Chhath Puja: छठ पूजा पर इन 10 लेटेस्ट मैसेज से प्रियजनों को भेजें शुभकामनाएं

Happy Chhath Puja: छठ पूजा पर इन 10 लेटेस्ट मैसेज से प्रियजनों को भेजें शुभकामनाएं

Chhath Puja 2025 का महत्व

भारत में त्योहार केवल धर्म या रीति-रिवाज नहीं, बल्कि भावनाओं का प्रतीक हैं। इन्हीं में से एक सबसे पवित्र और लोक आस्था से जुड़ा पर्व है Chhath Puja। यह पर्व सूर्य देव और छठी मइया की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। चार दिन तक चलने वाला यह त्योहार बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में विशेष रूप से मनाया जाता है।

Happy Chhath Puja: छठ पूजा पर इन 10 लेटेस्ट मैसेज से प्रियजनों को भेजें शुभकामनाएं

Chhath Puja 2025 क्या है?

Chhath Puja सूर्य देव की उपासना और उनके आशीर्वाद के लिए मनाई जाती है। यह व्रत महिलाएँ अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की दीर्घायु के लिए रखती हैं। इसमें महिलाएँ चार दिन तक कठोर व्रत रखती हैं और बिना नमक के शुद्ध प्रसाद बनाकर सूर्य देव को अर्पित करती हैं।

Chhath Puja 2025 का इतिहास

कहा जाता है कि Chhath Puja की परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है। माता सीता ने भगवान राम के साथ अयोध्या लौटने के बाद छठी मइया की पूजा की थी। इसके बाद से यह पर्व लोक आस्था का अभिन्न हिस्सा बन गया।

छठ माता और सूर्य देव की आराधना

छठ पूजा में सूर्य देव और उनकी बहन छठी मइया की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की किरणें जीवन का आधार हैं, और छठी मइया से संतान सुख एवं स्वास्थ्य का वरदान मिलता है।

Chhath Puja की मुख्य तिथियाँ और पर्व का क्रम

नहाय-खाय

पहले दिन व्रती नदी या तालाब में स्नान कर शुद्ध भोजन करते हैं।

खरना

दूसरे दिन बिना नमक का प्रसाद जैसे गुड़ की खीर और रोटी बनाकर व्रती ग्रहण करते हैं।

संध्या अर्घ्य

तीसरे दिन सूर्यास्त के समय नदी किनारे अर्घ्य दिया जाता है।

उषा अर्घ्य

अंतिम दिन सूर्योदय के समय अर्घ्य देकर व्रत का समापन होता है।

छठ पूजा की वैज्ञानिक मान्यता

सूर्य की किरणें शरीर में ऊर्जा और विटामिन डी प्रदान करती हैं। जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर की जैविक ऊर्जा संतुलित रहती है। यही कारण है कि इसे स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी लाभदायक माना जाता है।

छठ पूजा में व्रत रखने का महत्व

यह व्रत बेहद कठिन होता है। व्रती चार दिनों तक अन्न-जल का त्याग करती हैं और पूरी श्रद्धा से पूजा करती हैं। माना जाता है कि यह व्रत मनोकामनाएँ पूर्ण करता है और जीवन में शांति लाता है।

छठ पूजा के रीति-रिवाज और परंपराएँ

छठ पर्व में महिलाएँ नई साड़ी पहनती हैं, बांस की टोकरी में फल, ठेकुआ, और प्रसाद लेकर सूर्य को अर्पित करती हैं। बच्चे और पुरुष भी व्रती के साथ पूजा में भाग लेते हैं।

छठ पूजा में सूर्य को अर्घ्य देने का रहस्य

सूर्य देवता को जल चढ़ाने की प्रक्रिया को अर्घ्य कहा जाता है। यह सूर्य की ऊर्जा के प्रति आभार प्रकट करने का प्रतीक है। जल की बूंदें जब सूर्य की किरणों से मिलती हैं, तो वह दिव्य आभा का निर्माण करती हैं।

छठ पूजा में सावधानियाँ और नियम

  • व्रती को शुद्धता और संयम बनाए रखना चाहिए।
  • प्रसाद में लहसुन-प्याज का उपयोग नहीं किया जाता।
  • बर्तन और पूजा सामग्री पूरी तरह साफ-सुथरी होनी चाहिए।
  • अर्घ्य देते समय मन में श्रद्धा और शांति होनी चाहिए।

छठ पूजा का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व

यह पर्व सामूहिक एकता और भक्ति का प्रतीक है। गाँवों और शहरों में लोग मिलकर घाट सजाते हैं और एक-दूसरे की सहायता करते हैं। यह त्योहार समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ाता है।

2025 में छठ पूजा की तारीख और मुहूर्त

वर्ष 2025 में छठ पूजा 27 अक्टूबर से शुरू होकर 29 अक्टूबर तक मनाई जाएगी।

  • संध्या अर्घ्य: 28 अक्टूबर 2025
  • उषा अर्घ्य: 29 अक्टूबर 2025

छठ पूजा पर भेजने के लिए 10 लेटेस्ट शुभकामना संदेश

संदेश 1:

“सूर्य की रोशनी से जीवन हो आपका उज्जवल,
छठी मइया दें आपको खुशियाँ सरल!”

संदेश 2:

“छठ पूजा की ढेरों शुभकामनाएँ!
आपका जीवन छठ के सूरज जैसा चमके।”

संदेश 3:

“सूर्य देव की कृपा से आपके जीवन में आए प्रकाश,
छठी मइया करें सबका मंगल प्रयास।”

संदेश 4:

“सात रंगों की किरणों से सजे आपके सपने,
छठ पूजा पर मिले ढेरों अपने!”

संदेश 5:

“छठ पूजा का पर्व है पावन,
भरे रहे जीवन में सदा सावन।”

संदेश 6:

“हर सुबह हो नई, हर शाम हो प्यारी,
छठ मइया की कृपा से खुशियों की हो सवारी!”

संदेश 7:

“छठ पर्व की आए बहार,
खुशियों से भर दे हर परिवार।”

संदेश 8:

“सूर्य देव की पूजा करें हम सब मिलकर,
मिले आशीर्वाद सुख-शांति का घर-घर।”

संदेश 9:

“छठ मइया से यही दुआ है हमारी,
आपकी जिंदगी हो खुशियों से प्यारी।”

संदेश 10:

“छठ पूजा की रोशनी से जगमगाए संसार,
आपको मिले सफलता अपार!”

छठ पूजा पर सोशल मीडिया पर शेयर करने योग्य कोट्स

  • “छठी मइया की कृपा से जीवन में आए सुख-समृद्धि और आनंद।”
  • “सूर्य की तरह चमके आपका भाग्य, छठ पूजा की शुभकामनाएँ।”
  • “छठ पर्व है प्रेम, आस्था और समर्पण का प्रतीक।”
  • “सूर्यास्त से सूर्योदय तक, हर पल भक्ति में लीन रहो।”

निष्कर्ष: आस्था, श्रद्धा और समर्पण का पर्व छठ पूजा

छठ पूजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और जीवन के प्रति आभार का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति में त्याग, संयम और प्रेम का भाव कितना महत्वपूर्ण है। छठी मइया की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।


FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. छठ पूजा कब मनाई जाती है?
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है।

2. छठ पूजा में कौन पूजा की जाती है?
सूर्य देव और उनकी बहन छठी मइया की पूजा की जाती है।

3. क्या पुरुष भी व्रत रख सकते हैं?
हाँ, कई पुरुष भी श्रद्धा के साथ छठ व्रत रखते हैं।

4. छठ पूजा में कौन-से प्रसाद बनते हैं?
ठेकुआ, गुड़ की खीर, और चावल-रोटी प्रमुख प्रसाद होते हैं।

5. छठ पूजा कितने दिन चलती है?
यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *